International Research journal of Management Sociology & Humanities
( ISSN 2277 - 9809 (online) ISSN 2348 - 9359 (Print) ) New DOI : 10.32804/IRJMSH
**Need Help in Content editing, Data Analysis.
Adv For Editing Content
हिन्दी सिनेमा में आदिवासी जीवन का प्रतिबिम्ब : गोविन्द निहलानी की फिल्म आक्रोश के संदर्भ में
1 Author(s): HARENDRA NARAYAN SINGH
Vol - 5, Issue- 5 , Page(s) : 367 - 374 (2014 ) DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
उन्नीसवीं सदी भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण कालावधि है। यह वह काल है जब अंग्रेजों ने भारत को पूर्णतया अपना उपनिवेश बना लिया और यहाँ पर नवीन प्रशासन तंत्र को आरोपित किया। चूँकि औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया में उपनिवेशवादी देश अपने उपनिवेश का इस्तेमाल कच्चे माल की प्राप्ति और तैयार माल के बाजार के रूप में करता है, अतएव अंग्रेजों ने भारत के आंतरिक क्षेत्रों में प्रवेश के लिए रेल का प्रारम्भ किया ताकि उन्हें कच्चा माल मिल सके, नया बाजार मिल सके।