|
विश्व धर्म सम्मेलन (1893) में विवेकानन्द के प्रथम भाषण की वैश्विक दृष्टि से प्रासंगिकता
1
Author(s):
DR. SUNIL KUMAR
Vol - 16, Issue- 6 ,
Page(s) : 357 - 365
(2025 )
DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
Get Index Page
Abstract
स्वामी विवेकानन्द का जन्म उस दौर में हुआ जब भारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था तथा विश्व तीव्र राजनीतिक, सामाजिक तथा धार्मिक परिवर्तनों के दौर से गुजर रहा था । एक ओर औपनिवेशिक शक्तियाँ अपनी सांस्कृतिक श्रेष्ठता का प्रचार कर रही थीं
|