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तर्कसंग्रह के परिप्रेक्ष्य में पाकज-क्रिया का दार्शनिक विवेचन
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Author(s):
DR. HARETEE LAL MEENA
Vol - 16, Issue- 2 ,
Page(s) : 321 - 326
(2025 )
DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
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Abstract
किसी तत्त्व में विजातीय अग्नि संयोग को पाकज उत्पत्ति सिद्धान्त कहा जाता है। यहाँ विजातीय का अर्थ है असमान अथवा भिन्न। अर्थात् अग्नि से भिन्न द्रव्य में यदि अग्नि का संयोग होता है
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