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पंचपरगनिया कहानी ‘पाराइसचित’ में किन्नर विमर्श: अस्मिता, संघर्ष और सामाजिक बहिष्करण
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Author(s):
DR. BASUDEV MAHTO
Vol - 17, Issue- 9 ,
Page(s) : 33 - 44
(2026 )
DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
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Abstract
समकालीन साहित्य में किन्नर विमर्श हाशिये पर स्थित समुदायों की अस्मिता, सामाजिक स्वीकार्यता और मानवीय अधिकारों से जुड़े प्रश्नों को अभिव्यक्ति देने वाला महत्त्वपूर्ण विमर्श है।
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