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भारतीय समाज में विवाह की अवधारणा के बदलते आयाम : एक समाजशास्त्रीय विश्लेषण
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Author(s):
DR. VIGHNESHWAR SINGH
Vol - 17, Issue- 8 ,
Page(s) : 51 - 56
(2026 )
DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
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Abstract
विवाह एक संस्था के रूप में मानव समाज के कुछ मौलिक आवश्यकताओ से संबध है ,इसलिए सार्वभौमिक रूप से यह विद्यमान है ।
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