( ISSN 2277 - 9809 (online) ISSN 2348 - 9359 (Print) ) New DOI : 10.32804/IRJMSH

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बालकों में सृजनशीलता का विकासःविद्यालय के विशेष सन्दर्भ में

    2 Author(s):  DR. SUNITA GAUR , DR. K.C. GAUR

Vol -  11, Issue- 7 ,         Page(s) : 175 - 192  (2020 ) DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH

Abstract

सृजन शब्द संस्कृत भाषा के ‘ सृज् ’ धातु से है, जिसका अर्थ है- निर्माणमात्र। प्रत्येक व्यक्ति में सृजनात्मकता का गुण किसी न किसी रूप में पाया जाता है। आधुनिक मनोविज्ञान में सृजनात्मकता को मात्र कला ही न मानकर इसके क्षेत्र को अत्यधिक व्यापक माना गया है। सृजनात्मकता का मूलाधार चिन्तन होता हे। यह परिवर्तनशील होती है। आधुनिक मनोविज्ञान ने सृजनशीलता के इस गुण को अपनी विधियो द्वारा बालक के व्यक्तित्व को निखारने योग्य बना दिया। जैसे- मस्तिष्क उद्वेलन विधि।

1. चौहान रीता. पाठक पी.डी. प्रथम संस्करण 2015/16. ”अधिगमकर्ता का विकास.“ अग्रवाल पब्लिकेशन्स. हेड ऑफिसः 28/115 ज्योति ब्लॉक, संजय प्लेस, आगरा-2।
2. भटनागर सुरेश. सक्सैना अनामिका. संस्करण 2006. शिक्षा मनोविज्ञान इण्टरनेशनल पब्लिशिंग हाउस, मेरठ। 
3. सिंह डा0 गया.संस्करण 2012. “अधिगमकर्ता का विकास एवं शिक्षण अधिगम प्रक्रिया।” विनय रखेजा बध्व आर. लाल बुक डिपो निकट गवर्नमेण्ट कालेज.मेरठ-25001.
4. लाल प्रो. रमन बिहारी. जोशी डा0 सुरेश चन्द्र. संस्करण 2011. ”शिक्षा मनोविज्ञान एवं प्रारम्भिक सांख्यिकी.“ विनय रखेजा बध्व आर.लाल बुक डिपो. निकट गवर्नमेण्ट इण्टर कालेज.मेरठ-250001.
5. मानव प्रो. आर.एन. “अधिगमकर्ता का विकास” विनय रखेजा बध्व आर.लाल बुक डिपो. निकट गवर्नमेण्ट इण्टर कालेज.मेरठ-250001. 
6. शर्मा डा0 आर.ए. संस्करण 2009. ”मापन, मूल्यांकन एवं सॉंख्यिकी “ लायल बुक डिपो. इण्टरनेशनल पब्लिशिंग हाउस मेरठ 250001.
7. सारस्वत डा0 मालती. दशम संस्करण 1997. “शिक्षा मनोविज्ञान की रूप रेखा”. आलोक प्रकाशन 165/64 कच्चा हाता, अमीनाबाद लखनऊ. ब्रान्च-आलोक प्रकाशन 110, विवेकानन्द मार्ग, इलाहाबाद।
8. चौबे प्रो. सरयूप्रसाद. चौबे डा0 अखिलेश. संस्करण 2007.”शैक्षिक मनोविज्ञान के मूलाधार“. इण्टरनेशनल पब्लिशिंग हाउस मेरठ 250001।
9. सिंह अरूण कुमार. द्वितीय संस्करण 2006. “संज्ञानात्मक मनोविज्ञान”. मोती लाल बनारसी दास चौक वाराणसी-221001.
10. लाल प्रो. रमन बिहारी. जोशी डा0 सुरेश चन्द्र प्रथम संस्करण 2016. ”अधिगमकर्ता का विकास“ विनय रखेजा बध्व आर.लाल बुक डिपो निकट गवर्नमेण्ट इण्टर कालेज.मेरठ-250001. 
11. वर्मा डा0 प्रीति. श्रीवास्तव डा0 डी. एन. चौदहवॉं संस्करण 2007. “सामान्य मनोविज्ञान”. विनोद पुस्तक मन्दिर आगरा-2.
12. गौड़ डा0 के.सी., गौड़ डा0 सुनीता. संस्करण 2008. ”बुद्धि सृजनात्मकता एवं शिक्षा“ इण्टरनेशनल पब्लिशिंग हाउस मेरठ-250001 ।

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