( ISSN 2277 - 9809 (online) ISSN 2348 - 9359 (Print) ) New DOI : 10.32804/IRJMSH

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भारत में प्राचीनकाल में पंचायतीराज व्यवस्थाः एक विश्लेषण

    1 Author(s):  DR. PAPLEE RAM

Vol -  11, Issue- 5 ,         Page(s) : 129 - 137  (2020 ) DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH

Abstract

पंचायती राज व्यवस्था भारत की एक विलक्षण एवं अद्भुत विशेषता है। जो गाॅव वालों द्वारा चयनित पांच व्यक्तियों का समूह है। पंचायत शब्द सारे भारत में गाॅव प्रशासन, जिसमें न्याय प्रशासन भी जुडा हुआ है के लिए भी प्रयुक्त किया जाता है। प्राचीन भारत के साहित्यिक ग्रन्थों में भी ‘‘ पंचायत ‘‘ शब्द को पंचातयन के नाम से परिभाषित किया गया है। जब दुनिया सभ्य हो रही थी, उस समय वैदिक काल में ही हमारे यहां पंचायते अस्तित्व में आ चुकी थी। इसी कारण प्राचीन भारत को ग्राम-पंचायतों के देश के रूप में भी प्रसिद्धि प्राप्त थी। रामायण और महाभारत काल मेें भी सभा, गाॅव और समितियों का उल्लेख मिलता है अतः रामायण काल में भी भारत में ग्रामीण प्रशासन प्रचलित था।

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