International Research journal of Management Sociology & Humanities
( ISSN 2277 - 9809 (online) ISSN 2348 - 9359 (Print) ) New DOI : 10.32804/IRJMSH
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वर्तमान शिक्षा प्रणाली में बौद्धकालीन शिक्षा की विशेषताएँ एवं प्रासंगिकता
2 Author(s): SHASHI KUMARI VERMA ,DR. RENU GOYAL
Vol - 13, Issue- 12 , Page(s) : 212 - 215 (2022 ) DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
किसी भी देश का इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब कोई विचारधारा अति को पार करती है तो प्रतिक्रिया स्वरूप दूसरी विरोधी विचारधारा को जन्म होता है। ईसा पूर्व छठी शताब्दी तक आते आते वैदिक धर्म में अनेक दोष आ गये थे। धर्म के मूल सिद्धान्तों का लोप हो चुका था। चारो ओर धर्म के नाम पर कर्मकाण्डों का आडम्बर उत्पन्न हो गया था यज्ञों में पशुओं की बलि दी जाती थी समाज में वर्ण व्यवस्था पूर्णतः जाति व्यवस्था में परिवर्तित हो गयी थी।