International Research journal of Management Sociology & Humanities
( ISSN 2277 - 9809 (online) ISSN 2348 - 9359 (Print) ) New DOI : 10.32804/IRJMSH
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संस्कृतसाहित्ये नाट्यशास्त्रस्य मौलिकतत्त्वस्य व्यालोकिकरणम्
1 Author(s): DR. SHYAMAL GOSWAMI
Vol - 13, Issue- 12 , Page(s) : 204 - 211 (2022 ) DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
रेणु सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर क्रियाशील रचनाकार थे। उन्होंने अपने उपन्यासों की रचना कमरे में बैठ कर नहीं की। वे स्वाधीनता संघर्ष सेनानी थे। स्वाधीनता के बाद उन्होंने गरीब जनता के अधिकारों के लिए जेल-यात्रा की और तमाम तरह की प्रताड़ना को झेला।