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गिरिमिटिआ श्रमिकों मे लिंगानुपात।
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Author(s):
DR. AMIT KUMAR SAINI
Vol - 17, Issue- 8 ,
Page(s) : 61 - 68
(2026 )
DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
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Abstract
1833 ई0 मे पाश्चात्य जगत से दास प्रथा के समाप्त हो जाने के बाद ब्रिटिश बागान मालिकों को सस्ती दरों पर अधिक कार्य करने वाले श्रमिकांे को खोजने का प्रयास भारत मे सफल रहा, और उन्होने भारतीयों को अनुबन्ध के द्वारा श्रमिक बनाकर अपनी अन्य गन्ना कालोनियों मे प्रवास कराया,
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