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कुषाणकालीन मथुरा में बुद्ध‑प्रतिमा का उद्भव एवं विकास बौद्ध मूर्तिकला, प्रतीक‑विधान एवं प्रतिमा‑विज्ञान (आयकनोग्राफी) का एक अध्ययन
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Author(s):
DR. NEERAJ YADAV ,DR. SHIV PRASAD PANCHE
Vol - 14, Issue- 7 ,
Page(s) : 404 - 412
(2023 )
DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
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Abstract
भारतीय कला के इतिहास में मथुरा का स्थान विशिष्ट है। कुषाण काल में यह नगर बौद्ध, जैन तथा ब्राह्मण परंपराओं से जुड़ी मूर्तिकला का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा, और इसी अवधि में बुद्ध की मानवाकार प्रतिमा के विकास ने भारतीय बौद्ध कला को एक नया आयाम प्रदान किया।
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