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बाल-अपराध एवं अधिकार
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Author(s):
DR. INDRAJEET ,DR. PRAVINYALATA MARKANDEY
Vol - 17, Issue- 6 ,
Page(s) : 161 - 164
(2026 )
DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
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Abstract
बालक राष्ट्र के भविष्य है पर उन्हें भी उस समाज में रहना पड़ता है जिसके कि वे सदस्य है। अतः उस समाज की बुरी परिस्थितियों जैसे टूटे और अनैतिक परिवार, गंदी बस्तियां, निर्धनता, बुरी संगत, दोषपूर्ण शिक्षा-प्रणाली,अस्वस्थ मनोरंजन के साधनों आदि का प्रभाव भी बालक पर पड़ता है और बालक गलत रास्ते पर चले जाते ह
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