|
प्रेमचंद की कहानियों में सामाजिक संदेश: एक विश्लेषण
1
Author(s):
DR. RANJEET KUNAR
Vol - 17, Issue- 4 ,
Page(s) : 84 - 93
(2026 )
DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
Get Index Page
Abstract
मुंशी प्रेमचंद (1880-1936) हिंदी साहित्य के ऐसे स्तंभ हैं जिन्होंने कथा साहित्य को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, अपितु सामाजिक यथार्थ के दर्पण और सुधार के अस्त्र के रूप में प्रतिष्ठित किया।
|